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स्वास्थ्य
स्वास्थ्यसक्रिय जीवन शैली हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम में सहायक, डॉ मनीषा श्रीवास्तव
सक्रिय जीवन शैली हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम में सहायक, डॉ मनीषा श्रीवास्तव भोपाल...

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का निधन, नोएडा आवास पर मिला शव; सुसाइड नोट में बीमारी का जिक्र
1975 बैच के IAS अधिकारी और दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता (74) नोएडा के अपने घर पर मृत पाए गए। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें खराब

गुवाहाटी में पति ने पत्नी की हत्या कर उसका सिर फ्रिज में छिपाया, दिया शुगर डैडी को मारने की धमकी
असम की गुवाहाटी के बेलटोला इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला का शव उसके पति के द्वारा हत्या के बाद फ्रिज में छिपा दिया गया। यह घटना स्थानीय समुदाय में हड़कंप मचा रही है। पुलिस ने शनिवार को आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। हत्या का पीछे [...] The post गुवाहाटी में पति ने पत्नी की हत्या कर उसका सिर फ्रिज में छिपाया, दिया शुगर डैडी को मारने की धमकी appeared first on The CSR Journal .
इटावा में रहस्यमयी बुखार से 4 बच्चों की मौत:2 दिन में 4 बच्चों की मौत से मचा हड़कंप, 20 से ज्यादा लोग बीमार
इटावा के चकरनगर तहसील क्षेत्र के गढ़ाकासदा गांव में पिछले करीब 2प दिनों से फैले रहस्यमयी बुखार ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक सतेंद्र, गुनगुन, किशन और साक्षी समेत चार बच्चों की मौत हो चुकी है। मृतक बच्चों की उम्र करीब 5 से 13 साल बताई जा रही है। वहीं 20 से ज्यादा लोग अब भी बीमार हैं। बीमारी का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लगातार बच्चों के बीमार पड़ने और मौतों के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की संयुक्त टीमें गांव में कैंप कर रही हैं। टीमों ने बीमार लोगों की जांच करने के साथ मृतक बच्चों के परिवारों से बीमारी से जुड़ी जानकारी जुटाई है। बीते सोमवार को सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ गढ़ाकासदा गांव पहुंचे। टीम ने मृतक बच्चों के घर जाकर परिजनों से जानकारी ली और बीमार लोगों की स्थिति देखी। विशेषज्ञ टीम में कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर धीरज श्रीवास्तव और पीडियाट्रिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर दुष्यंत रस्तोगी शामिल रहे। उनके साथ जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने भी गांव का दौरा किया। मेडिकल टीमों ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच शुरू कर दी है। बीमार लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि बुखार की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में रहकर लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। चार मरीज अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों में से दो मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दो मरीजों का उपचार सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गांव में बीमारी फैलने की वजह जानने के लिए जांच और नमूना लेने का काम जारी है।

स्वाइन फ्लू का बढ़ा संक्रमण, छत्तीसगढ़ में मिले 298 मामले
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सितंबर 2026 के नवीनतम स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार स्वाइन फ्लू (एच1 एन 1 ) का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2026 से 8 सितंबर 2026 तक स्वाइन फ्लू के कुल 298 मरीज सामने आ चुके हैं। वर्तमान में 113 सक्रिय मामले हैं, जिनमें से 81 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 32 का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। बीती देर शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 46 नए मरीज मिले हैं। इनमें रायपुर में सबसे अधिक 19 मरीज मिले हैं। ...

सीहोर के वॉटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव: ग्रामीणों में मची अफरातफरी, अस्पताल में भर्ती
सीहोर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है, जहां मंगलवार शाम एक वॉटर फिल्टर प्लांट में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गैस के प्रभाव से ग्राम लसुड़िया खास और उसके समीपवर्ती इलाकों में रहने वाले कई लोगों को आंखों में [...]
बांका सदर अस्पताल में 2 जच्चा, बच्चा की मौत:स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम बनाई, सिविल सर्जन बोले, दोषियों पर होगी कार्रवाई
बांका में मंगलवार की शाम सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान अलग, अलग घटनाओं में दो जच्चा और दो बच्चे की मौत हो गई। पहली घटना में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई,जबकि गंभीर हालत में महिला को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया। भागलपुर ले जाने के दौरान रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। दूसरी घटना में सदर अस्पताल में प्रसव कराने के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मामलों की जांच के लिए अलग, अलग टीम गठित करने की बात कही है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों मामलों में जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खून की कमी के कारण महिला की हालत बिगड़ी बांका के मनियारपुर वार्ड, 4 के शालिग्राम दास की पत्नी संजनी कुमारी(21) को प्रसव पीड़ा के बाद 6 सितंबर की शाम करीब सात बजे बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने महिला का सिजेरियन ऑपरेशन कर प्रसव कराया। परिजनों के अनुसार, महिला में खून की कमी बताई गई। ऑपरेशन के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद महिला की तबीयत भी बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका का पति शालिग्राम दास दिव्यांग है। प्रसव के दौरान जच्चा, बच्चा की मौत बेलहर थाना क्षेत्र के खिलार गांव स्थित अपने मायके से सरिता कुमारी(26) प्रसव के लिए बांका आई थी। सरिता कुमारी की शादी जमुई जिले के लक्ष्मीपुर निवासी शिवलाल सोरेन से हुई थी। प्रसव कराने के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।लगातार दो घटनाओं में जच्चा, बच्चा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। परिजनों की ओर से भी पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग आम लोगों से अपील करता है कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता अथवा जोखिम की स्थिति में बिना विलंब किए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान एवं उच्चतर चिकित्सा केंद्र की सेवाओं का लाभ लें।

क्यों रिटायरमेंट प्लानिंग मिलेनियल्स के बीच एक ट्रेंडिंग फाइनेंशियल गोल बनता जा रहा है?
पिछली पीढ़ियों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग काफी हद तक एक निष्क्रिय प्रक्रिया थी. सरकारी नौकरी के साथ पेंशन मिलती थी. कॉर्पोरेट नौकरियों में प्रोविडेंट फंड का प्रबंधन नियोक्ता द्वारा किया जाता था. व्यक्ति की भूमिका केवल नौकरी करने और बाद में मिलने वाले लाभों पर निर्भर रहने तक सीमित रहती थी.

यूपी में सरकारी डॉक्टरों को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अनुभवी चिकित्सकों को 70 वर्ष की आयु तक सेवाएं देने का अवसर
उत्तर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब सरकारी चिकित्सक सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति के माध्यम से अपनी सेवाएं दे सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे रहे हैं। उप [...]

सागर में जहरीली शराब का कहर: 28 मौतों का दावा, 90 मरीज अस्पताल में भर्ती; पांच की हालत बेहद गंभीर
The post सागर में जहरीली शराब का कहर: 28 मौतों का दावा, 90 मरीज अस्पताल में भर्ती; पांच की हालत बेहद गंभीर appeared first on Navabharat News . सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। बंडा और आसपास के इलाकों से सामने आए इस मामले में अब तक 28 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से फिलहाल 15 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। ... The post सागर में जहरीली शराब का कहर: 28 मौतों का दावा, 90 मरीज अस्पताल में भर्ती; पांच की हालत बेहद गंभीर appeared first on Navabharat News .

'एमपी में दवा, पानी और शराब सब जहरीला', सागर कांड पर राहुल गांधी ने मोहन यादव सरकार को घेरा
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्रों में जहरीली शराब से हुई मौतों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राज्य की भाजपा सरकार पर कड़ा निशाना साधा है।

बरेली की VIP कॉलोनी बनी ‘नर्क’: बारिश के 72 घंटे बाद भी पानी में तैरती रही 145 परिवारों की गृहस्थी, सीवर की बदबू से हाल बेहाल
Bareilly Rain Waterlogging: बरेली के रेजीडेंसी गार्डन में बारिश के तीसरे दिन भी जलभराव जारी. 145 परिवार बेघर, क्रेन से निकलीं गाड़ियां और अब बीमारियों के डर से लोग घर बेचने को मजबूर.

रोडवेज बस ने ट्रैक्टर ट्रॉली में मारी टक्कर, तीन घायल; VIDEO
रोडवेज बस ने ट्रैक्टर ट्रॉली में मारी टक्कर, तीन घायल; VIDEO
सावधान! सिर्फ प्रीमियम भरना काफी नहीं, इन वजहों से रिजेक्ट हो सकता है हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम
Health Insurance Claim Rejection: स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम भरने के बावजूद क्लेम खारिज हो सकता है। इससे बचने के लिए पुरानी बीमारियां न छुपाएं, वेटिंग पीरियड, एक्सक्लूजन, मेडिकल जरूरत और जरूरी दस्तावेजों का हमेशा ध्यान रखें।

टीबी के संकेत: बच्चे को बार, बार खांसी और बुखार? सावधान! छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी
बुखार और सुस्ती को न समझें मौसम का असर, 1381 बच्चों का चल रहा इलाज।

‘वेलकम टू मध्यप्रदेश’, दुबई में निवेशकों को CM मोहन यादव का खुला न्योता
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दुबई प्रवास के तीसरे दिन मंगलवार को वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ ताबड़तोड़ बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने हरित...

बार, बार दर्द की खाते हैं गोली? किडनी को हो सकता है नुकसान, नेफ्रोलॉजिस्ट ने बताया
शरीर में किसी भी तरह का दर्द होने पर लोग दवा ले लेते हैं. इन पेन किलर को लेने की आदत से किडनी को नुकसान हो सकता है. ये कब बड़ा खतरा बन जाता है, किडनी के स्पेशलिस्ट से जानें...
बालाघाट में आदिवासी बच्चों को आखिर हो क्या रहा है?:ढाई महीने में 30+ बच्चों की मौत, सैकड़ों बीमार; क्या प्रशासन कुछ छिपा रहा है?
जून के आखिरी हफ्ते से मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक के बाद एक बैगा और गोंड आदिवासी बच्चे मर रहे हैं। सरकार ने पहले कहा, सिर्फ 8 मौतें। गांव वाले, स्थानीय नेता और विपक्ष कहते रहे, आंकड़ा कहीं ज्यादा है। ढाई महीने बाद अब यह आंकड़ा 30 पार कर चुका है, और सैकड़ों बच्चे अब भी बीमार हैं। आखिर बच्चों को हो क्या रहा है, आदिवासी बहुल गांवों में ही मौतें ज्यादा क्यों हो रही हैं, क्या सरकार सच में कुछ छिपा रही है; मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में पूरी कहानी... पहले ये तस्वीरें देखिए सवाल 1: बालाघाट में हुआ क्या, अब तक कितने बच्चों की जान जा चुकी है? जवाब: यहां आंकड़ा ही सबसे बड़ा विवाद है। सवाल 2: आदिवासी बहुल गांवों में ही बच्चों की मौतें ज्यादा क्यों हो रही हैं? जवाब: बालाघाट पहले से हाई, रिस्क जिला रहा है, पिछले दो साल से राज्य का सबसे बड़ा मलेरिया हॉटस्पॉट है। सवाल 3: बच्चे ठीक होने के बाद वापस बीमार क्यों पड़ रहे हैं? जवाब: यहां दो अलग समस्याएं हैं, एक कुपोषण की वजह से बार, बार बीमार पड़ना, दूसरी गांवों तक स्वास्थ्य सुविधा का न पहुंचना। सवाल 4: क्या प्रशासन सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा है? जवाब: पारदर्शिता पर सवाल जरूर उठते हैं, लेकिन सच्चाई छुपाने का निष्कर्ष निकालने से पहले प्रशासन का पक्ष जानना भी जरूरी है। तीन घटनाएं एक साथ रखने पर एक पैटर्न जरूर दिखा सवाल 5: इतना सब होने के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए? जवाब: सरकार ने अपनी तरफ से जवाब भी दिया है और कदम भी उठाए हैं... मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर का ये एपिसोड भी पढ़िए... आखिर जहरीली शराब होती क्या है, जिसने ली 22 जानें, पहले आंखों की रोशनी गई, फिर शरीर नीला पड़ा 5 सितंबर को आबकारी विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा, शराब पीने लायक है, कोई खतरा नहीं। अगले ही दिन, 6 सितंबर की सुबह, सागर के बंडा इलाके में उसी शराब को पीकर लोग एक, एक कर गिरने लगे। कोई घर पर मरा, कोई अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में। कई मरीजों के शरीर नीले पड़ गए, कइयों की आंखों की रोशनी चली गई। प्रशासन के ताजा आंकड़ों की मानें तो अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 112 से ज्यादा मरीज अलग, अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है...पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए।

नींद, डिप्रेशन की दवाएं बढ़ाती हैं बुजुर्गों में गिरने का खतरा, स्टडी में खुलासा
<p style="text, align: justify;">उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. इस दौरान नींद ठीक से न आना और डिप्रेशन जैसी परेशानियां भी आम हो जाती हैं. ऐसे में डॉक्टर कुछ लोगों को नींद या डिप्रेशन की दवाएं देते हैं. इन दवाओं से परेशानी कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इनका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. खासकर बुजुर्गों में कुछ दवाओं से ज्यादा नींद, चक्कर या चलने में परेशानी हो सकती है. इससे उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन फ्रांसिस्को के डॉक्टरों की स्टडी में भी दवाओं और बुजुर्गों के गिरने के बीच संबंध सामने आया है.</p> <h3 style="text, align: justify;"><strong>दवा लेने के बाद क्यों बढ़ जाता है गिरने का खतरा? </strong></h3> <p style="text, align: justify;">नींद की कुछ दवाएं दिमाग को शांत करती हैं और नींद लाने में मदद करती हैं. कई बार इनका असर सुबह उठने के बाद भी बना रहता है. बुजुर्गों को उठने के बाद सुस्ती, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है. इससे चलते समय शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है. खासकर रात में बाथरूम जाने के लिए अचानक उठने पर गिरने का खतरा ज्यादा रहता है. डिप्रेशन के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं भी चक्कर या नींद जैसी परेशानी पैदा कर सकती हैं. उम्र बढ़ने के साथ शरीर इन दवाओं को पहले की तुलना में धीरे, धीरे बाहर निकालता है. इसलिए बुजुर्गों में दवाओं का असर ज्यादा देर तक दिखता है. </p> <h3 style="text, align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/iodine, rich, foods, to, prevent, iodine, deficiency, 3185530">Iodine Deficiency: आयोडीन की कमी से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 4 चीजें </a></strong></h3> <h3 style="text, align: justify;"><strong>स्टडी में क्या सामने आया? </strong></h3> <p style="text, align: justify;">शोधकर्ताओं ने बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ो को देखा. इसमें उन लोगों पर ध्यान दिया गया, जो नींद से जुड़ी परेशानी के लिए दवाएं ले रहे थे. स्टडी में पाया गया कि ऐसी दवाएं लेने वाले बुजुर्गों में गिरने का खतरा उन लोगों के मुकाबले ज्यादा था, जो ऐसी दवाएं नहीं ले रहे थे. इसमें नींद की दवाओं के साथ कुछ डिप्रेशन की दवाएं भी शामिल थीं. एक से ज्यादा ऐसी दवाएं लेने वाले लोगों में भी सावधानी की जरूरत ज्यादा बताई गई है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दवा लेने वाला हर बुजुर्ग गिरेगा ही. दवा का असर व्यक्ति की उम्र, शरीर और दूसरी दवाओं पर भी निर्भर करता है.</p> <h3 style="text, align: justify;"><strong>दवा अपनी मर्जी से बंद न करें</strong></h3> <p style="text, align: justify;">अगर कोई बुजुर्ग नींद या डिप्रेशन की दवा ले रहा है तो उसे अपनी मर्जी से दवा बंद नहीं करनी चाहिए. दवा की मात्रा कम या ज्यादा करने का फैसला भी डॉक्टर की सलाह से ही किया जाना चाहिए. परिवार के लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि दवा लेने के बाद बुजुर्ग को चक्कर, ज्यादा नींद या चलने में परेशानी तो नहीं हो रही है. घर में फर्श पर सामान न रखें और रात में बाथरूम जाने के रास्ते में पर्याप्त रोशनी रखें. इससे गिरने की आशंका कम की जा सकती है. नींद की परेशानी के लिए डॉक्टर दवा के अलावा नींद सुधारने के दूसरे तरीके भी बताते हैं जैसे व्यायाम, प्राणायाम ओर भी कई चीजे .</p> <h3 style="text, align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/tim, andrews, 271, days, genetically, modified, pig, kidney, transplant, massachusetts, general, hospital, 3184591">इंसान के शरीर में सूअर की किडनी, इससे कितने दिन बच सकती है जान? </a></strong></h3>

MP में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल: भोपाल में स्टाइपेंड की मांग पर अड़े डॉक्टर्स, आज भी OPD बंद...13 कॉलेजों में ब्लैकआउट का खतरा
Bhopal News: मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने के विरोध में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है. भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद रहने से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहाल हो गई हैं.

9 सितंबर का राशिफल: मेष से मीन तक, कैसे रहेगा आपका दिन? जानिए
आज के दिन कई लोगों के जीवन में खुशियों की बरसात होगी। इसी तरह मकर राशि को भी करियर में सफलता मिलेगी। यहां जानें आपको आज सफलता मिलेगी या नहीं।

आगरा जिला अस्पताल में नई आधुनिक मशीन से इमरजेंसी मरीजों की 20 मिनट में 40 जांच, मिलेगी तुरंत रिपोर्ट
आगरा के जिला अस्पताल में मरीजों के लिए आधुनिक जांच मशीन लगाई गई है. यह मशीन इमरजेंसी में 20 मिनट में 40 पैरामीटर तक की जांच कर सकेगी, जिससे डॉक्टरों को तुरंत उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी. अस्पताल के लैब टेक्नीशियन ने बताया कि पहले कई जांचों की रिपोर्ट आने में अधिक समय लग सकता था, लेकिन नई मशीन से जरूरी पैरामीटर कम समय में जांचे जा सकेंगे. खासकर गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. जांच रिपोर्ट जल्दी मिलने से डॉक्टर तत्काल उपचार संबंधी निर्णय ले सकेंगे.

सऊदी पर हूती अटैक के बाद तुर्की, PAK के घड़ियालू आंसू, बचाने भी नहीं आए
सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद तुर्की ने कड़ी निंदा करते हुए उन्हें तुरंत रोकने की मांग की. तुर्की ने कहा कि ये हमले नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं और yमन में राजनीतिक समाधान की कोशिशों को कमजोर करते हैं.

इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का तीसरा दिन: सड़क पर वाहन और अस्पताल में अटका इलाज, OPD बंद होने से जनता बेहाल
मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, भोपाल, इंदौर के सरकारी अस्पतालों में OPD बंद, हमीदिया में इलाज ठप, सड़कों पर जाम और मरीजों की बढ़ती परेशानी, सरकार, डॉक्टरों की बातचीत बेनतीजा
ओडिशा के बालासोर जंगल में मिले ओरंगुटान के 5 बच्चे, इंडोनेशिया और मलेशिया से 4000 किमी दूर कैसे आए भारत?
Orangutans Found in Odisha : ओरंगुटान इंडोनेशिया और मलेशिया के मूल निवासी 'ग्रेट एप' (बड़े वानर) हैं, जो अपनी बुद्धिमत्ता और लाल, भूरे बालों के लिए जाने जाते हैं। वे गंभीर रूप से लुप्तप्राय हैं। भारत में ओरंगुटान की कोई मूल आबादी नहीं है। उनका ओडिशा के जंगल में मिलना हैरानी की बात है।

09 सितंबर 2026 राशिफल : जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, बता रहे हैं प्रख्यात मनो ज्योतिषाचार्य
मेष राशि : कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नए सौदे में जल्दबाजी न करें। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। घर में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, शांत रहें। साथी के साथ बातचीत से गलतफहमी दूर होगी। थकान और तनाव से बचें। महत्वपूर्ण निर्णय सोच, समझकर ... The post 09 सितंबर 2026 राशिफल : जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, बता रहे हैं प्रख्यात मनो ज्योतिषाचार्य appeared first on Sehore Hulchal .

राजस्थान निकाय चुनाव: वोटिंग शुरू, पहले ऐसे चेक करें अपना नाम; वोट डालने के लिए ये 11 दस्तावेज मान्य
राजस्थान निकाय चुनाव में मतदान शुरू हो गया है। मतदाता पहले मतदाता सूची में अपना नाम जांचें और वोट डालने के लिए 11 मान्य फोटो पहचान दस्तावेजों में कोई एक साथ लाएं।
बस्ती में डेंगू की दस्तक, एक महिला संक्रमित:कानपुर की निजी लैब में जांच के बाद पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की कार्रवाई
बस्ती शहर में डेंगू ने दस्तक दे दी है। कोतवाली रोड पर पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाली 36 साल की एक महिला में डेंगू की पुष्टि हुई है। महिला ने कानपुर की एक निजी लैब में जांच कराई थी। 7 सितंबर को आईजीएम एलाइजा जांच में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लैब से रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। विभाग ने महिला और उसके परिवार से संपर्क करना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, महिला को 4 सितंबर को बुखार और डेंगू जैसे लक्षण थे। उसने डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने डेंगू की आशंका में जांच कराने की सलाह दी थी। इसके बाद महिला ने उसी दिन कानपुर की एक निजी लैब में अपना सैंपल दिया। जांच रिपोर्ट 7 सितंबर को पॉजिटिव आई। फिलहाल महिला का इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डेंगू मरीज की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचने के बाद विभाग ने उस इलाके में रोकथाम के लिए कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार के सदस्यों और महिला के संपर्क में रहे लोगों से जानकारी जुटाएगी। करीबी लोगों के खून के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। इससे किसी और व्यक्ति में संक्रमण होने का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। मरीज के घर और आसपास के इलाके में मच्छरों के पनपने वाली जगहों की जांच होगी। साथ ही फागिंग और दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक भी करेगी। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि महिला में डेंगू की पुष्टि हुई है। परिवार के लोगों से संपर्क किया जा रहा है और इलाके में जरूरी रोकथाम की कार्रवाई की जा रही है।