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स्वास्थ्य
डीवीसी की ऐश पाइपलाइन फटी, कोनार नदी में बहकर पहुंची छाई
बुधवार को डीवीसी की ऐश पाइपलाइन फटने से कोनार नदी में एक बार फिर छाई फैल गई। इससे क्षेत्र में प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। प्लांट से ऐश पौंड तक जाने वाली नंबर-2 पाइपलाइन अचानक फट गई, जिससे बड़ी मात्रा में छाई बहकर सीधे नदी में मिलने लगी। सुबह नदी में छाई बहती देखकर ग्रामीणों ने तत्काल विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों को सूचना दी। इसके बाद इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची और फटी पाइपलाइन को बंद कर छाई का बहाव रोका। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। एक सप्ताह पहले भी जरवा बस्ती के पास नाले के रास्ते दो बार छाई नदी में बहती देखी गई थी। लगातार हो रहे रिसाव से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इससे नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है। साथ ही आसपास के लोगों के स्वास्थ्य और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले पानी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
बचपन की बीमारी जवान होने तक बरकरार:70 प्रतिशत मरीजों को पता नहीं आगे किस डॉक्टर से कराना चाहिए इलाज, स्वस्थ होने में लग रहा ज्यादा समय
बचपन से न्यूरोलॉजिकल बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों के सामने 18 साल की उम्र के आसपास नई परेशानी खड़ी हो जाती है। बीमारी बनी रहती है, लेकिन बच्चों के डॉक्टर से वयस्कों के डॉक्टर के पास जाने की व्यवस्था स्पष्ट नहीं होती। ऐसे में मरीज और उनके परिजन असमंजस में रहते हैं कि आगे इलाज कहां और किससे कराएं। इससे उनका इलाज भी प्रभावित होता है और ठीक होने में समय लगता है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के एक अध्ययन में यह समस्या सामने आई है। पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष पारख के मार्गदर्शन में डॉ. हुकमसिंह गुर्जर व टीम ने 16 से 25 साल के 50 मरीजों, उनके अभिभावकों और स्वास्थ्यकर्मियों को अध्ययन में शामिल किया। प्रश्नावली और साक्षात्कार से इलाज की अगली व्यवस्था, डॉक्टरों के बीच समन्वय और मरीजों की तैयारी का आकलन किया गया। मन में डर- नया डॉक्टर पुरानी बीमारी समझेगा या नहीं स्टडी में 70% मरीजों को पता नहीं था कि आगे किस डॉक्टर या अस्पताल में इलाज कराना है। सिर्फ 56% मरीजों ने अपने डॉक्टर से बच्चों की चिकित्सा सेवाओं से वयस्क सेवाओं में जाने पर चर्चा की थी। महज 8% ने खुद को वयस्क चिकित्सा सेवाओं के लिए पूरी तरह तैयार माना। मरीजों को चिंता थी कि नए डॉक्टर उनकी पुरानी बीमारी, हिस्ट्री व विशेष जरूरतों को समझ पाएंगे या नहीं। अभिभावकों ने भी डॉक्टरों में समन्वय की कमी, पुराने रिकॉर्ड आगे पहुंचाने व इलाज की योजना समझने में परेशानी बताई। 16 की उम्र से शुरू कर दें तैयारी: डॉ. पारख ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ मरीज को अपनी बीमारी, दवाओं और जांचों की जानकारी खुद संभालने और इलाज के फैसलों में भाग लेने के लिए तैयार करना जरूरी है। 18 साल की उम्र में अचानक डॉक्टर बदलने के बजाय 16 साल की उम्र से ही ट्रांजिशन की तैयारी शुरू होनी चाहिए। मिर्गी से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी तक के रोगी हो रहे प्रभावित पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी में मिर्गी, सेरेब्रल पाल्सी, न्यूरोमस्कुलर डिसऑर्डर, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, जन्मजात व आनुवंशिक न्यूरोलॉजिकल बीमारियां, ऑटिज्म से जुड़ी स्थितियां, विकास में देरी, न्यूरोमेटाबॉलिक, मूवमेंट डिसऑर्डर, सिरदर्द और कुछ न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियां शामिल हैं। इनमें कई मरीजों को किशोरावस्था और वयस्क उम्र तक इलाज की जरूरत रहती है। बीमारी का असर दवाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पढ़ाई, चलने-फिरने, बोलने, रोजगार, सामाजिक जीवन और स्वतंत्रता पर भी पड़ सकता है।
गांव बासर में नशे के खिलाफ वॉलीबॉल मैच करवाया
अमृतसर | पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत युवाओं को नशों से दूर रखने और खेलों से जोड़ने के लिए खेल विभाग की ओर से गांव बासर में वॉलीबॉल मैच करवाया गया। इसमें बासर सहित आसपास के गांवों की टीमों ने उत्साह से भाग लिया। जिला खेल अधिकारी गुरमीत सिंह ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इस मौके पर खेल विभाग के कोच और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने तथा नशों से दूर रहकर खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

जिम्मेदारियों को उठाएंगे, सहकार रखेंगे
Aaj ka Kanya Rashifal 5 November 2026, Virgo Horoscope Today: सामंजस्य को बढ़ावा मिलेगा. उचित अवसर का इंतजार करेंगे. सेहत संबंधी अवरोध दूर होंगे. व्यक्त्तित्व प्रभावशाली बना रहेगा.

खैरागढ़ में निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन, 60 मरीजों ने कराया पंजीयन
खैरागढ़ : कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, रायपुर के...

खैरागढ़ में निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन, 60 मरीजों ने कराया पंजीयन
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फ्लोरिडा से सांसद बनने वाली पहली भारतीय मूल की महिला, जयपुर से है पिया डांडिया का परिवार
पिया का परिवार शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़ा रहा. उनके दादा तेजकरण डांडिया का राजस्थान बोर्ड की गणित की किताबों के लेखन में योगदान रहा. उन्हें मास्टरजी के नाम से भी जाना जाता था. वे राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव भी रहे. उनके योगदान से लिखी गई गणित की किताबों ने राजस्थान के विद्यार्थियों की कई पीढ़ियों को पढ़ाया.

दक्षिणी अफगानिस्तान के अस्पतालों पर कुपोषण का बढ़ता दबाव, गंभीर हालत में भर्ती हो रहे बच्चों की संख्या बढ़ी
अफगानिस्तान में गंभीर कुपोषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओचा) ने बुधवार को कहा कि दक्षिणी अफगानिस्तान के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ने से वार्डों में भीड़ बढ़ रही है। गंभीर कुपोषण से पीड़ित लोगों को बड़ी संख्या में अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।

रहस्यमयी बुखार से दहशत, चार दिन में तीन मासूमों की मौत,स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बुखार और गंभीर बीमारी से तीन बच्चियों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। मूरतगंज विकासखंड के आलमचंद गांव में एक ही परिवार की दो सगी बहनों की मौत हो गई, जबकि पास...

गुरुग्राम के रोटरी ब्लड, थैलेसीमिया और डायलिसिस सेंटर में बड़े उत्साह के साथ मनाई गई दिवाली
गुरुग्राम के रोटरी ब्लड, थैलेसीमिया और डायलिसिस सेंटर में बड़े उत्साह के साथ मनाई गई दिवाली “हम सभी के लिए उम्मीद और देखभाल की रोशनी फैलाना जारी रखेंगे,” अध्यक्ष डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा। गुरुग्राम, 4 नवंबर, 2026: गुरुग्राम स्थित रोटरी ब्लड, थैलेसीमिया और डायलिसिस सेंटर में रोशनी का त्योहार 'दिवाली' बड़े उत्साह, गर्मजोशी और उत्सव के माहौल के साथ मनाया गया। इस आयोजन को 'रोटरी क्लब ऑफ गुड़गांव साउथ सिटी कम्युनिटी सर्विसेज सोसाइटी' द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें रोटेरियन, विशिष्ट अतिथि, प्रबंधन टीम और स्टाफ के सदस्य शामिल हुए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व 'रोटरी क्लब ऑफ गुड़गांव साउथ सिटी कम्युनिटी सर्विसेज सोसाइटी' के अध्यक्ष डॉ. मुकेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर रोटेरियन मुनीश खुल्लर (महासचिव), अजय भूषण सांकवलका (कोषाध्यक्ष), पवन कुमार सपरा (संयुक्त सचिव), कंवल सिंह यादव, बी.डी. पाहुजा, संजीव अग्रवाल, विनय शंकर, ऋषि मुनि भारद्वाज, वेद गुलाटी, एडवोकेट जे.एस. मरहट्टा और एडवोकेट नवीन गुप्ता भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में 'ब्राह्मण समाज ऑफ नॉर्थ अमेरिका' के अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा और 'ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया' के महासचिव श्री उत्तम तिवारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, डॉ. मुकेश शर्मा ने पूरी टीम के समर्पण, प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों की सराहना की। इन्हीं प्रयासों की बदौलत 'रोटरी ब्लड सेंटर गुरुग्राम' भारत के प्रमुख चैरिटेबल (धर्मार्थ) ब्लड सेंटर के रूप में स्थापित हो पाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यहाँ 100% इन-हाउस NAT-टेस्टेड (NAT-परीक्षित) रक्त और रक्त घटक उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे मरीजों के लिए ट्रांसफ्यूजन (रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया) की सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्च मानक सुनिश्चित होते हैं। उन्होंने सोसाइटी की मानवीय पहलों के बारे में भी बात की, विशेष रूप से 'रोटरी थैलेसीमिया सेंटर' के बारे में, जो थैलेसीमिया से पीड़ित 168 पंजीकृत मरीजों को पूरी तरह से मुफ्त इलाज और व्यापक देखभाल प्रदान करता है। उन्होंने 'रोटरी डायलिसिस सेंटर' की सेवाओं का भी जिक्र किया, जहाँ क्रोनिक किडनी रोग (गुर्दे की गंभीर बीमारी) से पीड़ित मरीजों को बिल्कुल मुफ्त में हीमोडायलिसिस की सुविधा दी जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलती है। भविष्य की ओर देखते हुए, डॉ. शर्मा ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित 'रोटरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (RIMS) पर काम अगली दिवाली से पहले शुरू हो जाएगा। एक बड़े धर्मार्थ चिकित्सा संस्थान के रूप में परिकल्पित, RIMS का उद्देश्य गुरुग्राम और आसपास के जिलों के गरीब और जरूरतमंद मरीजों तक गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है। दिवाली की बधाई देते हुए, महासचिव रोटेरियन मुनीश खुल्लर और संयुक्त सचिव रोटेरियन पवन सपरा ने सभी स्टाफ सदस्यों और साथी रोटेरियनों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन सेवा, करुणा और मानवता के प्रति रोटरी की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर का संदेश स्पष्ट था: जहाँ दिवाली अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है, वहीं 'रोटरी ब्लड, थैलेसीमिया एंड डायलिसिस सेंटर' अनगिनत मरीजों और उनके परिवारों के जीवन में आशा, स्वास्थ्य और खुशियों का प्रकाश लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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मुख्यमंत्री साय ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव के समापन समारोह में हुए शामिल
करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और प्रकृति के प्रति आस्था का जीवंत... The post मुख्यमंत्री साय ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव के समापन समारोह में हुए शामिल appeared first on .