बांका सदर अस्पताल में 2 जच्चा, बच्चा की मौत:स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम बनाई, सिविल सर्जन बोले, दोषियों पर होगी कार्रवाई
बांका में मंगलवार की शाम सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान अलग, अलग घटनाओं में दो जच्चा और दो बच्चे की मौत हो गई। पहली घटना में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई,जबकि गंभीर हालत में महिला को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया। भागलपुर ले जाने के दौरान रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। दूसरी घटना में सदर अस्पताल में प्रसव कराने के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मामलों की जांच के लिए अलग, अलग टीम गठित करने की बात कही है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों मामलों में जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खून की कमी के कारण महिला की हालत बिगड़ी बांका के मनियारपुर वार्ड, 4 के शालिग्राम दास की पत्नी संजनी कुमारी(21) को प्रसव पीड़ा के बाद 6 सितंबर की शाम करीब सात बजे बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने महिला का सिजेरियन ऑपरेशन कर प्रसव कराया। परिजनों के अनुसार, महिला में खून की कमी बताई गई। ऑपरेशन के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद महिला की तबीयत भी बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका का पति शालिग्राम दास दिव्यांग है। प्रसव के दौरान जच्चा, बच्चा की मौत बेलहर थाना क्षेत्र के खिलार गांव स्थित अपने मायके से सरिता कुमारी(26) प्रसव के लिए बांका आई थी। सरिता कुमारी की शादी जमुई जिले के लक्ष्मीपुर निवासी शिवलाल सोरेन से हुई थी। प्रसव कराने के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।लगातार दो घटनाओं में जच्चा, बच्चा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। परिजनों की ओर से भी पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग आम लोगों से अपील करता है कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता अथवा जोखिम की स्थिति में बिना विलंब किए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान एवं उच्चतर चिकित्सा केंद्र की सेवाओं का लाभ लें।
बांका में मंगलवार की शाम सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान अलग, अलग घटनाओं में दो जच्चा और दो बच्चे की मौत हो गई। पहली घटना में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई,जबकि गंभीर हालत में महिला को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया। भागलपुर ले जाने के दौरान रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। दूसरी घटना में सदर अस्पताल में प्रसव कराने के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मामलों की जांच के लिए अलग, अलग टीम गठित करने की बात कही है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों मामलों में जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खून की कमी के कारण महिला की हालत बिगड़ी बांका के मनियारपुर वार्ड, 4 के शालिग्राम दास की पत्नी संजनी कुमारी(21) को प्रसव पीड़ा के बाद 6 सितंबर की शाम करीब सात बजे बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने महिला का सिजेरियन ऑपरेशन कर प्रसव कराया। परिजनों के अनुसार, महिला में खून की कमी बताई गई। ऑपरेशन के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद महिला की तबीयत भी बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका का पति शालिग्राम दास दिव्यांग है। प्रसव के दौरान जच्चा, बच्चा की मौत बेलहर थाना क्षेत्र के खिलार गांव स्थित अपने मायके से सरिता कुमारी(26) प्रसव के लिए बांका आई थी। सरिता कुमारी की शादी जमुई जिले के लक्ष्मीपुर निवासी शिवलाल सोरेन से हुई थी। प्रसव कराने के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।लगातार दो घटनाओं में जच्चा, बच्चा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। परिजनों की ओर से भी पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग आम लोगों से अपील करता है कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता अथवा जोखिम की स्थिति में बिना विलंब किए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान एवं उच्चतर चिकित्सा केंद्र की सेवाओं का लाभ लें।
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