इटावा में रहस्यमयी बुखार से 4 बच्चों की मौत:2 दिन में 4 बच्चों की मौत से मचा हड़कंप, 20 से ज्यादा लोग बीमार
इटावा के चकरनगर तहसील क्षेत्र के गढ़ाकासदा गांव में पिछले करीब 2प दिनों से फैले रहस्यमयी बुखार ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक सतेंद्र, गुनगुन, किशन और साक्षी समेत चार बच्चों की मौत हो चुकी है। मृतक बच्चों की उम्र करीब 5 से 13 साल बताई जा रही है। वहीं 20 से ज्यादा लोग अब भी बीमार हैं। बीमारी का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लगातार बच्चों के बीमार पड़ने और मौतों के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की संयुक्त टीमें गांव में कैंप कर रही हैं। टीमों ने बीमार लोगों की जांच करने के साथ मृतक बच्चों के परिवारों से बीमारी से जुड़ी जानकारी जुटाई है। बीते सोमवार को सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ गढ़ाकासदा गांव पहुंचे। टीम ने मृतक बच्चों के घर जाकर परिजनों से जानकारी ली और बीमार लोगों की स्थिति देखी। विशेषज्ञ टीम में कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर धीरज श्रीवास्तव और पीडियाट्रिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर दुष्यंत रस्तोगी शामिल रहे। उनके साथ जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने भी गांव का दौरा किया। मेडिकल टीमों ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच शुरू कर दी है। बीमार लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि बुखार की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में रहकर लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। चार मरीज अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों में से दो मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दो मरीजों का उपचार सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गांव में बीमारी फैलने की वजह जानने के लिए जांच और नमूना लेने का काम जारी है।
इटावा के चकरनगर तहसील क्षेत्र के गढ़ाकासदा गांव में पिछले करीब 2प दिनों से फैले रहस्यमयी बुखार ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक सतेंद्र, गुनगुन, किशन और साक्षी समेत चार बच्चों की मौत हो चुकी है। मृतक बच्चों की उम्र करीब 5 से 13 साल बताई जा रही है। वहीं 20 से ज्यादा लोग अब भी बीमार हैं। बीमारी का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लगातार बच्चों के बीमार पड़ने और मौतों के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की संयुक्त टीमें गांव में कैंप कर रही हैं। टीमों ने बीमार लोगों की जांच करने के साथ मृतक बच्चों के परिवारों से बीमारी से जुड़ी जानकारी जुटाई है। बीते सोमवार को सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ गढ़ाकासदा गांव पहुंचे। टीम ने मृतक बच्चों के घर जाकर परिजनों से जानकारी ली और बीमार लोगों की स्थिति देखी। विशेषज्ञ टीम में कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर धीरज श्रीवास्तव और पीडियाट्रिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर दुष्यंत रस्तोगी शामिल रहे। उनके साथ जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने भी गांव का दौरा किया। मेडिकल टीमों ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच शुरू कर दी है। बीमार लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि बुखार की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में रहकर लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। चार मरीज अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों में से दो मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दो मरीजों का उपचार सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गांव में बीमारी फैलने की वजह जानने के लिए जांच और नमूना लेने का काम जारी है।
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