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दुबई में वैश्विक उद्योगपतियों से मिले सीएम मोहन यादव, 2027 की 'ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट' के लिए यूएई के दिग्गजों को दिया न्योता
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दुबई में वैश्विक उद्योगपतियों से मिले सीएम मोहन यादव, 2027 की 'ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट' के लिए यूएई के दिग्गजों को दिया न्योता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में वैश्विक उद्योगपतियों से मुलाकात की और उन्हें 2027 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने मध्य प्रदेश में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स और नगरीय विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाओं पर चर्चा की।

वीर चक्र विजेता पिता के नक्शेकदम पर बेटा, ले. जनरल श्रींजय प्रताप सिंह संभालेंगे आर्मी ट्रेनिंग कमांड की बागडोर

वीर चक्र विजेता पिता के नक्शेकदम पर बेटा, ले. जनरल श्रींजय प्रताप सिंह संभालेंगे आर्मी ट्रेनिंग कमांड की बागडोर

लेफ्टिनेंट जनरल श्रींजय प्रताप सिंह, वीर चक्र विजेता मेजर डीएन सिंह के बेटे, शिमला में आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC) के प्रमुख बनेंगे। उनका परिवार तीन पीढ़ियों से भारतीय सेना में सेवा दे रहा है, जो सैन्य परंपरा का गौरवशाली उदाहरण है।

23 घंटे पहले · nishant yadav
योगी सरकार का बड़ा फैसला, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं के मानदेय में हुई बढ़ोतरी, चेहरे पर छाई खुशी

योगी सरकार का बड़ा फैसला, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं के मानदेय में हुई बढ़ोतरी, चेहरे पर छाई खुशी

आंगनवाड़ी कार्यकत्री गीता ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी सभी के लिए बड़ी खुशी की बात है. परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलना भी बड़ी राहत है. सरकार ने उनकी मेहनत और जिम्मेदारियो...

23 घंटे पहले · राहुल कुमार
Udaipur News: MLSU की एकेडमिक काउंसिल के बड़े फैसले, स्वतंत्र भाषा केंद्र और एमए हिन्दू स्टडीज को मंजूरी

Udaipur News: MLSU की एकेडमिक काउंसिल के बड़े फैसले, स्वतंत्र भाषा केंद्र और एमए हिन्दू स्टडीज को मंजूरी

Udaipur News: उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए. विश्वविद्यालय में स्वतंत्र भाषा केंद्र शुरू करने, एमए हिन्दू स्टडीज पाठ्यक्रम को मंजूरी देने के साथ सिक्किम बोर्ड और महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश देने का निर्णय लिया गया.

23 घंटे पहले · monali paul
नीट में 10 हजार से 1 लाख रैंक वालों को कहां मिलेगा एडमिशन? देखें ये 10 MBBS कॉलेज

नीट में 10 हजार से 1 लाख रैंक वालों को कहां मिलेगा एडमिशन? देखें ये 10 MBBS कॉलेज

<p style="text, align: justify;">नीट यूजी 2026 में अच्छी रैंक पाने के बाद ज्यादातर छात्रों की कोशिश सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट हासिल करने की होती है. लेकिन सिर्फ रैंक से यह तय नहीं होता कि किस कॉलेज में एडमिशन मिलेगा. कैंडिडेट की कैटेगरी, ऑल इंडिया कोटा, स्टेट कोटा, उपलब्धि सीटें और पिछले राउंड के क्लोजिंग रैंक जैसे कई फैक्टर सीट अलॉटमेंट में बड़ी भूमिका निभाते हैं. ऐसे में नीट यूजी 2026 के राउंड 1 काउंसलिंग का डेटा सामने आने के बाद अलग, अलग रैंक और कैटेगरी के हिसाब से सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की तस्वीर कुछ हद तक साफ हुई है. 10 हजार से 1 लाख तक रैंक वाले उम्मीदवारों के लिए भी सरकारी एमबीबीएस कॉलेज के ऑप्शन मौजूद है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि नीट में 10 हजार से 1 लाख रैंक वालों को कहां एडमिशन मिल सकता है. </p> <p style="text, align: justify;"><strong>10 हजार से 1 लाख रैंक पर कॉलेज के ऑप्शन</strong></p> <p style="text, align: justify;"><strong>सरकारी मेडिकल कॉलेज कोटा कैटेगरी नीट रैंक </strong></p> <p>सरकारी मेडिकल कॉलेज और सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल, आजमगढ़ ऑल इंडिया ओबीसी 10,002 <br />पं. रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा ऑल इंडिया ओपन जनरल 10,004 <br />डॉ. वैशम्पायन मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, सोलापुर ऑल इंडिया ओपन जनरल 10,561 <br />सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग ऑल इंडिया ओपन जनरल 10,654 <br />सरकारी मेडिकल कॉलेज, बारां ऑल इंडिया ओपन जनरल 12,759 <br />स्टेट मेडिकल कॉलेज सोसाइटी, फतेहपुर ऑल इंडिया ओबीसी 13,729 <br />सरकारी मेडिकल कॉलेज, करौली ऑल इंडिया एससी 63,909 <br />अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अगरतला ऑल इंडिया एससी 68,983 <br />शेख, उल, हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर ऑल इंडिया एसटी 87,624 <br />मालदा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, मालदा ऑल इंडिया एससी 88,094 </p> <p style="text, align: justify;"><strong>ओपन जनरल कैटेगरी में 10 हजार के आसपास ऑप्शन </strong></p> <p style="text, align: justify;">ओपन जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए राउंड 1 डेटा में पं. रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा में 10,004 रैंक पर सीट अलॉट हुई. वहीं डॉ. वैशम्पायन मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, सोलापुर में 10,561 और सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग में 10,654 रैंक पर सीट मिली. सरकारी मेडिकल कॉलेज, बारां में भी 12,759 रैंक पर ओपन जनरल कैटेगरी में सीट अलॉटमेंट हुआ है. </p> <p style="text, align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें, <a href="https://www.abplive.com/education/ssc, cbt, exam, new, rules, on, computer, restart, shutdown, and, system, changes, 3185958">SSC CBT परीक्षाओं में नया नियम, बिना परमिशन कंप्यूटर रीस्टार्ट करने पर कार्रवाई</a></strong></p> <p style="text, align: justify;"><strong>OBC उम्मीदवारों के लिए भी ऑप्शन </strong></p> <p style="text, align: justify;">ओबीसी कैटेगरी में सरकारी मेडिकल कॉलेज और सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल, आजमगढ़ में 10,002 रैंक पर सीट अलॉट हुई. इसके अलावा स्टेट मेडिकल कॉलेज सोसाइटी, फतेहपुर में 13,729 रैंक पर ओबीसी उम्मीदवार को सीट मिली. </p> <p style="text, align: justify;"><strong>SC और ST कैटेगरी में 1 लाख के आसपास भी मौके </strong></p> <p style="text, align: justify;">एससी कैटेगरी में रैंक बढ़ने पर भी कुछ सरकारी मेडिकल कॉलेज ऑप्शन में आते हैं. क्लोजिंग रैंक डेटा के अनुसार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज लुधियाना में 1,00,011 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागौर में 1,00,025 और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बदायूं में 1,00,034 तक रैंक के ऑप्शन दिए गए हैं. इसके अलावा नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना में 1,00,279 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बारां में 1,00,308 हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में 1,00,310 और कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हुबली में 1,00,347 तक की क्लोजिंग रैंक दी गई थी.</p> <p style="text, align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें, <a href="https://www.abplive.com/education/j, k, medical, interns, begin, hunger, strike, for, stipend, hike, and, written, order, 3186001">J&K में भूख हड़ताल क्यों कर रहे मेडिकल इंटर्न, जानें क्या है उनकी प्रमुख मांगें?</a></strong></p>

23 घंटे पहले · कविता गाडरी
तेलंगाना विधानसभा का सत्र जारी रहने की संभावना

तेलंगाना विधानसभा का सत्र जारी रहने की संभावना

हैदराबाद: विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) ने सोमवार को तय किया कि सत्र शनिवार तक चलेगा। सत्र को और आगे बढ़ाने पर विचार करने के लिए एक और बैठक हो सकती है। BAC की बैठक स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार...

23 घंटे पहले · subhi
गुना के स्कूल में बीड़ी पीते दिखे पूर्व प्राचार्य, पहले भी भर्ती में गड़बड़ी के आरोप

गुना के स्कूल में बीड़ी पीते दिखे पूर्व प्राचार्य, पहले भी भर्ती में गड़बड़ी के आरोप

गुना में स्कूल से जुड़ा मामला सामने आया है। मधुसूदनगढ़ तहसील के ग्राम उकावद स्थित संकुल केंद्र हाईस्कूल के पूर्व प्राचार्य जगदीशचंद्र शिकारी पर स्कूल परिसर में क्लास रूम और ऑफिस के अंदर बीड़ी, सिगरेट पीने का आरोप है। इस मामले को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि स्कूल परिसर में ही धूम्रपान किए जाने की बात सामने आई है। लोगों का कहना है कि स्कूल में बच्चों को नशे से दूर रहने और अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है। ऐसे में अगर कोई शिक्षक या स्कूल का जिम्मेदार अधिकारी ही बच्चों के सामने धूम्रपान करता है, तो इसका उनके ऊपर गलत असर पड़ सकता है। स्कूल में बीड़ी पीते दिखे पूर्व प्राचार्य पूरा मामला मधुसूदनगढ़ तहसील के ग्राम उकावद स्थित संकुल केंद्र हाईस्कूल से जुड़ा है। आरोप है कि पूर्व प्राचार्य जगदीशचंद्र शिकारी स्कूल परिसर में कभी क्लास रूम तो कभी अपने ऑफिस में बैठकर बीड़ी या सिगरेट पीते थे। उनके इस व्यवहार को लेकर स्कूल के अनुशासन और कार्यस्थल पर धूम्रपान के नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि स्कूल में बच्चों के सामने शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों के व्यवहार का सीधा असर पड़ता है। ऐसे में स्कूल परिसर में धूम्रपान किए जाने के आरोपों ने न सिर्फ नियमों के पालन, बल्कि बच्चों के सामने शिक्षक के आचरण को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अतिथि शिक्षक भर्ती में भी लगे थे आरोप जगदीशचंद्र शिकारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उनके खिलाफ अतिथि शिक्षक भर्ती में अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि अधिक अंक वाले योग्य उम्मीदवार को नजरअंदाज कर उनके बेटे को अतिथि शिक्षक के पद पर नियुक्त कराया गया और उसका वेतन भी निकलवाया गया। यह मामला सामने आने के बाद इसकी शिकायत और जांच की स्थिति बनी। मीडिया में मामला आने के बाद जिला प्रशासन ने भी इस पर संज्ञान लिया था। जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जांच कराई गई। दी गई जानकारी के अनुसार, जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए थे।

23 घंटे पहले · bhawna choubey
स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के पारदर्शी क्रियान्वयन और निजी व शासकीय विद्यालयों में निर्धन बच्चों के दाखिले से जुड़ी याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख...

1 दिन पहले · hindustanexpress_online
स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के पारदर्शी क्रियान्वयन और निजी व शासकीय विद्यालयों में निर्धन बच्चों के दाखिले से जुड़ी याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख...

1 दिन पहले · graminbharattv_in
स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के पारदर्शी क्रियान्वयन और निजी व शासकीय विद्यालयों में निर्धन बच्चों के दाखिले से जुड़ी याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख...

1 दिन पहले · sameera_co_in
SSC परीक्षा से पहले सर्वर हुआ ठप, ग्रेटर नोएडा केंद्र पर छात्रों का हंगामा

SSC परीक्षा से पहले सर्वर हुआ ठप, ग्रेटर नोएडा केंद्र पर छात्रों का हंगामा

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर, 155 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर मंगलवार को SSC CHT परीक्षा तकनीकी समस्या के चलते नहीं हो सकी। परीक्षा शुरू होने से पहले सर्वर में खराबी आने के कारण कई अभ्यर्थियों के कंप्यूटर सिस्टम पर लॉगिन नहीं हो पाया। इसके बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। The post SSC परीक्षा से पहले सर्वर हुआ ठप, ग्रेटर नोएडा केंद्र पर छात्रों का हंगामा appeared first on टेन न्यूज हिंदी .

1 दिन पहले · tenteam_hindi
अमेरिका ने क्यों कसा Cognizant पर शिकंजा? ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरशिप पर लगाई रोक, चेन्नई में शुरू हुई इस कंपनी के बारे में कितना जानते हैं आप?

अमेरिका ने क्यों कसा Cognizant पर शिकंजा? ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरशिप पर लगाई रोक, चेन्नई में शुरू हुई इस कंपनी के बारे में कितना जानते हैं आप?

मेरिका ने Cognizant की नई Green Card sponsorship filings पर रोक लगा दी है. जानें कार्रवाई की वजह, कंपनी की चेन्नई से शुरू हुई कहानी और US जांच से जुड़ी पूरी जानकारी.

1 दिन पहले · समी सिद्दीकी
स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के पारदर्शी क्रियान्वयन और निजी व शासकीय विद्यालयों में निर्धन बच्चों के दाखिले से जुड़ी याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख...

1 दिन पहले · digiananews
स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के पारदर्शी क्रियान्वयन और निजी व शासकीय विद्यालयों में निर्धन बच्चों के दाखिले से जुड़ी याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख...

1 दिन पहले · satyaexpress
आज का राशिफल : करियर, परिवार और धन के मामले में कैसा रहेगा दिन, मेष से मीन तक जानें दैनिक राशिफल

आज का राशिफल : करियर, परिवार और धन के मामले में कैसा रहेगा दिन, मेष से मीन तक जानें दैनिक राशिफल

9 सितंबर 2026 का राशिफल जानें। मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आर्थिक, पारिवारिक, करियर और प्रेम जीवन से जुड़े संकेत यहां पढ़ें।

1 दिन पहले · श्रमणा गोस्वामी
शिक्षकों के मार्गदर्शन और जनसेवा से ही संभव है, समाज व राष्ट्र का सर्वांगीण विकास, मंत्री टंक राम वर्मा

शिक्षकों के मार्गदर्शन और जनसेवा से ही संभव है, समाज व राष्ट्र का सर्वांगीण विकास, मंत्री टंक राम वर्मा

शिक्षकों के मार्गदर्शन और जनसेवा से ही संभव है, समाज व राष्ट्र का सर्वांगीण विकास, मंत्री टंक राम वर्मा ​रायपुर, राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा आज नेवरा स्थित पी. एम कन्या शाला में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व ...

1 दिन पहले · regional desk
नालंदा के अमृत राजकुमार बने सेना में लेफ्टिनेंट:चीन सीमा पर संभालेंगे मोर्चा, सातवें प्रयास में सीडीएस क्रैक; 4 सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट में हुए शामिल

नालंदा के अमृत राजकुमार बने सेना में लेफ्टिनेंट:चीन सीमा पर संभालेंगे मोर्चा, सातवें प्रयास में सीडीएस क्रैक; 4 सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट में हुए शामिल

बिहार शरीफ के बड़ी पहाड़ी के रहने वाले राजीव रंजन कुमार के बेटे अमृत राजकुमार भारतीय सेना में बतौर अधिकारी (लेफ्टिनेंट) चयनित हुए हैं। 5 सितंबर 2026 को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड के साथ ही अमृत सेना का हिस्सा बने। सेना की सबसे जांबाज शाखा—पैदल सेना (इन्फेंट्री) की '4 सिख लाइट इन्फेंट्री' रेजिमेंट में उन्हें कमीशन प्राप्त हुआ है। अमृत की सफलता की नींव वर्षों पहले अमृत के दादाजी शांति लाल ने रखी थी। परिवार में पांच पीढ़ियों से किसी ने भी इस तरह की कामयाबी का स्वाद नहीं चखा था। दादाजी का एक ही सपना था कि उनका पोता पढ़, लिखकर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान में पहुंचे और एक दिन बहुत बड़ा आदमी बनकर फौज में अफसर बने। अमृत जब बहुत छोटे थे, तभी नानी ने जन्म के बाद उनका पालन, पोषण किया और दादाजी ने उंगली पकड़कर आगे का रास्ता दिखाया। परिवार की माली हालत ऐसी नहीं थी कि आसानी से महंगी पढ़ाई का खर्च उठाया जा सके। इसके बावजूद दादाजी ने अपने इलाज या निजी जरूरतों के लिए बैंक बैलेंस की परवाह किए बिना पोते की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने पाई, पाई जोड़कर सैनिक स्कूल की भारी, भरकम फीस का इंतजाम किया और अमृत का दाखिला सैनिक स्कूल में कराकर ही दुनिया को अलविदा कहा। अमृत की माता मंजू देवी भारी मन और गर्व भरी आवाज में कहती हैं कि आज दादाजी स्वर्ग में बैठकर अपने पोते के कंधों पर सितारे देखकर सबसे ज्यादा सुकून महसूस कर रहे होंगे। उनका देखा ख्वाब आज पोते ने अपनी मेहनत से हकीकत में तब्दील कर दिखाया है। पिता का हौसला और समाज की बदौलत मुश्किल राहें हुईं आसान अमृत के पिता राजीव रंजन कुमार नालंदा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वकालत करते हैं। एक स्थानीय अदालत में प्रैक्टिस करते हुए इतने बड़े परिवार का भरण, पोषण करना और बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना कभी भी आसान नहीं रहा। राजीव रंजन बताते हैं कि जीवन के इस लंबे सफर में कई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां सामने आईं, कदम, कदम पर कमियां महसूस हुईं, लेकिन उन्होंने कभी धैर्य और साहस का दामन नहीं छोड़ा। पिता के अनुसार, समाज से मिले इसी सकारात्मक सहयोग और भरोसे की बदौलत वे बच्चों को बिना किसी रुकावट के पढ़ा सके। पिता का मानना है कि असली गर्व उस दिन महसूस होगा जब उनका बेटा सीमा पर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और बहादुरी के साथ देश की रक्षा करेगा और देश सेवा के लिए सम्मानित होकर घर लौटेगा। शुरुआती पढ़ाई से लेकर सैनिक स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय का सफर अमृत की शुरुआती स्कूली शिक्षा बिहार शरीफ के स्थानीय 'बिहार पब्लिक स्कूल' से हुई। प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कक्षा छह में सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा पास की और वहां दाखिला लिया। सैनिक स्कूल के अनुशासित माहौल में उन्होंने लगातार सात वर्षों तक कड़ा परिश्रम किया और वर्ष 2021 में वहां से पास आउट हुए। सैनिक स्कूल ने उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, शारीरिक दृढ़ता और देशप्रेम का ऐसा बीज बोया जिसने उनके लक्ष्य को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया था। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। वहां से अमृत ने बीएससी मैथमेटिक्स ऑनर्स की डिग्री हासिल की। गणित जैसे कठिन और तार्किक विषय में स्नातक की पढ़ाई करते हुए भी उनका ध्यान अपने एकमात्र लक्ष्य सेना की वर्दी से कभी नहीं भटका। एनडीए की नाकामी से टूटे नहीं, सातवें प्रयास में सीडीएस क्रैक कर रचा इतिहास अमृत की यह यात्रा केवल सफलताओं से भरी नहीं रही, बल्कि इसमें असफलताओं के गहरे घाव भी शामिल रहे। सैनिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एनडीए की कठिन चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। लिखित परीक्षा और एसएसबी इंटरव्यू पास करने के बाद जब अंतिम मेरिट लिस्ट जारी हुई, तो कम रैंक होने के कारण वे अंतिम चयन से बाहर हो गए। इस झटके ने किसी भी सामान्य युवा का मनोबल तोड़ दिया होता, लेकिन अमृत ने हार मानने के बजाय अपनी गलतियों से सीखा। दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक के अंतिम वर्ष में पहुंचते ही उन्होंने सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। असफलताएं लगातार उनका इम्तिहान लेती रहीं, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। लगातार छह प्रयासों में मनमुताबिक परिणाम न मिलने के बावजूद अमृत डटे रहे और आखिरकार अपने सातवें प्रयास में उन्होंने सीडीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की। इसके साथ ही उनका चयन ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई के लिए सुनिश्चित हो गया। ओटीए चेन्नई की 11 महीने की कड़ी ट्रेनिंग और कंधों पर चमके सितारे सीडीएस पास करने के बाद अमृत राजकुमार चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी पहुंचे। वहां 11 महीनों तक चलने वाली भारतीय सेना की सबसे कठिन और थका देने वाली सैन्य ट्रेनिंग की शुरुआत हुई। शारीरिक सहनशक्ति, सामरिक युद्ध कौशल, मानसिक मजबूती और नेतृत्व क्षमता को तराशने वाले इस कठिन प्रशिक्षण को अमृत ने पूरे जज्बे के साथ पूरा किया। 5 सितंबर 2026 को जब पासिंग आउट परेड के दौरान उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजाए गए, तो परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। अमृत को पैदल सेना (इन्फेंट्री) की विख्यात '4 सिख लाइट इन्फेंट्री' में अधिकारी पद पर कमीशन मिला, जो अपने शौर्य और पराक्रम के लिए भारतीय सेना में एक विशिष्ट पहचान रखती है। संयुक्त परिवार की ताकत: सात भाई, बहनों का अटूट संबल अमृत की सफलता के पीछे केवल उनके माता, पिता ही नहीं, बल्कि उनके पूरे संयुक्त परिवार की सामूहिक ताकत रही है। परिवार में चाचा रवि कुमार और चाची सुनीता देवी ने हमेशा अमृत को अपने बेटे की तरह प्यार और संबल दिया। अमृत का अपना छोटा भाई नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा चाचा के बेटे राजा और प्रजा, फुफेरी बहनें स्वीटी व डॉली और छोटा भाई निशांत कुमार—इन सभी सात भाई, बहनों का आपस में गहरा लगाव रहा है। एक बड़े संयुक्त परिवार में माता, पिता, चाचा, चाची, बुआ और दादी के एक साथ रहने से घर में हमेशा सकारात्मक और सहयोगी माहौल बना रहा, जिससे अमृत बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रख सके। पहली पोस्टिंग हिमाचल के स्पीति में, चीन सीमा पर रक्षा का मिला दायित्व सैन्य अफसर बनने के बाद लेफ्टिनेंट अमृत राजकुमार को उनकी पहली तैनाती देश के बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में मिली है। उन्हें हिमाचल प्रदेश के स्पीति वैली में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी भारत, चीन सीमा के निकट मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दुर्गम पहाड़ों, अत्यधिक ऊंचाई और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच देश की सीमा की निगहबानी करना किसी भी युवा अधिकारी के लिए बड़ी चुनौती और उतना ही बड़ा सम्मान है। अमृत 20 दिनों की पारिवारिक छुट्टी पूरी करने के तुरंत बाद स्पीति वैली के लिए रवाना होंगे। उनका कहना है कि वे इस दुर्गम और खूबसूरत मोर्चे पर देश की हिफाजत के लिए पूरी तरह तैयार और उत्साहित हैं। नालंदा जिले के एक साधारण परिवार से निकलकर देश की रक्षा पंक्ति के शीर्ष पर खड़े होने तक का अमृत का यह सफर हर उस युवा के लिए एक मिसाल है, जो विपरीत परिस्थितियों के आगे झुकने से इनकार कर देता है।

1 दिन पहले · दैनिक भास्कर