एक ही गांव की तीन बेटियां... चुनाव मैदान भी अलग-अलग। तीनों का लक्ष्य एक ही था-सरपंच बनकर गांव की सरकार चलाना। पंचायती राज चुनाव में ऐसा कर दिखाया है नीमकाथाना पंचायत समिति के छापर गांव की तीन बेटियों ने। बांसड़ी ग्राम पंचायत के छापर गांव की पूजा वर्मा भगेगा से, मनीषा देवी रामपुरा थोई व सुनीता वर्मा बुर्जा की ढाणी से सरपंच चुनी गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि तीनों पहली बार सरपंच बनी हैं। इसके साथ ही तीनों एससी वर्ग से हैं। तीनों के सामने अब अपनी पंचायतों में विकास के वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती है। एक तरफ पूजा गांवों में लाइब्रेरी, ओपन जिम और डिजिटल सुविधाओं का सपना लेकर मैदान में उतरीं, तो मनीषा महिलाओं को रोजगार और शिक्षा से जोड़ना चाहती हैं। सुनीता की प्राथमिकता बच्चों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी तैयार करवाना है। ब्यावर जिले में कार की छत पर कुर्सी-सोफा बांधकर प्रचार कर रहे प्रत्याशी जवाजा (अजमेर)| ब्यावर जिले की चार पंचायत समितियों में वार्ड पंच और सरपंच के चुनाव गुरुवार को होंगे। बुधवार सुबह नामांकन हुए। चुनाव चिह्न मिलते ही प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। जिन प्रत्याशियों को कुर्सी और सोफा चुनाव चिह्न मिला, उन्होंने इन्हें कारों की छत पर रस्सियों से बांधकर प्रचार किया। सरवीना में पिता-पुत्र आमने-सामने सरवीना ग्राम पंचायत में पिता और पुत्र के बीच सीधा चुनावी मुकाबला है। पारिवारिक रिश्ते के बावजूद दोनों प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने मैदान में हैं। इस कारण इस सीट पर ग्रामीणों की खास नजर है और मुकाबला चर्चा का विषय बना हुआ है। चूरू : लूदी झाबर में आज नहीं होगा सरपंच का चुनाव, क्योंकि मैदान में एक भी प्रत्याशी नहीं नई ग्राम पंचायत लूदी झाबर में गुरुवार को यहां सरपंच पद के लिए मतदान ही नहीं होगा। एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सरपंच पद पर एक भी प्रत्याशी मैदान में नहीं होने से निर्वाचन प्रक्रिया अटक गई है। बुधवार को एक आवेदन प्राप्त हुआ, लेकिन अनुसूचित जनजाति का वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण वह भी निरस्त कर दिया गया।
एक ही गांव की तीन बेटियां... चुनाव मैदान भी अलग-अलग। तीनों का लक्ष्य एक ही था-सरपंच बनकर गांव की सरकार चलाना। पंचायती राज चुनाव में ऐसा कर दिखाया है नीमकाथाना पंचायत समिति के छापर गांव की तीन बेटियों ने। बांसड़ी ग्राम पंचायत के छापर गांव की पूजा वर्मा भगेगा से, मनीषा देवी रामपुरा थोई व सुनीता वर्मा बुर्जा की ढाणी से सरपंच चुनी गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि तीनों पहली बार सरपंच बनी हैं। इसके साथ ही तीनों एससी वर्ग से हैं। तीनों के सामने अब अपनी पंचायतों में विकास के वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती है। एक तरफ पूजा गांवों में लाइब्रेरी, ओपन जिम और डिजिटल सुविधाओं का सपना लेकर मैदान में उतरीं, तो मनीषा महिलाओं को रोजगार और शिक्षा से जोड़ना चाहती हैं। सुनीता की प्राथमिकता बच्चों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी तैयार करवाना है। ब्यावर जिले में कार की छत पर कुर्सी-सोफा बांधकर प्रचार कर रहे प्रत्याशी जवाजा (अजमेर)| ब्यावर जिले की चार पंचायत समितियों में वार्ड पंच और सरपंच के चुनाव गुरुवार को होंगे। बुधवार सुबह नामांकन हुए। चुनाव चिह्न मिलते ही प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। जिन प्रत्याशियों को कुर्सी और सोफा चुनाव चिह्न मिला, उन्होंने इन्हें कारों की छत पर रस्सियों से बांधकर प्रचार किया। सरवीना में पिता-पुत्र आमने-सामने सरवीना ग्राम पंचायत में पिता और पुत्र के बीच सीधा चुनावी मुकाबला है। पारिवारिक रिश्ते के बावजूद दोनों प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने मैदान में हैं। इस कारण इस सीट पर ग्रामीणों की खास नजर है और मुकाबला चर्चा का विषय बना हुआ है। चूरू : लूदी झाबर में आज नहीं होगा सरपंच का चुनाव, क्योंकि मैदान में एक भी प्रत्याशी नहीं नई ग्राम पंचायत लूदी झाबर में गुरुवार को यहां सरपंच पद के लिए मतदान ही नहीं होगा। एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सरपंच पद पर एक भी प्रत्याशी मैदान में नहीं होने से निर्वाचन प्रक्रिया अटक गई है। बुधवार को एक आवेदन प्राप्त हुआ, लेकिन अनुसूचित जनजाति का वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण वह भी निरस्त कर दिया गया।
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