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‘डिजिटल इनोवेशन टेक फेयर’ 18 को... 27 स्कूलों की 30 टीमें पेश करेंगी स्मार्ट प्रोजेक्ट्स
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‘डिजिटल इनोवेशन टेक फेयर’ 18 को... 27 स्कूलों की 30 टीमें पेश करेंगी स्मार्ट प्रोजेक्ट्स

द
दैनिक भास्कर
5 नवंबर 2026
लेख सारांश

राजिंदर पाहड़ा | अमृतसर सरकारी स्कूल का बच्चा अब सिर्फ किताब नहीं पढ़ रहा, वो मशीन को हुक्म देना भी सीख रहा है। वो सेंसर से खेत का पानी बचा रहा है, रोबोट से काम करवा रहा है। यही नजारा 18 नवंबर को मेरिटोरियस स्कूल में देखने को मिलेगा, जब जिले के 27 स्कूलों के बच्चे अपनी बनाई हुए प्रोजेक्ट्स लेकर आएंगे। शिक्षा विभाग मुहिम ‘मिशन रफ्तार’ के तहत ‘डिजिटल इनोवेशन टेक फेयर’ योजित करने जा रहा है। इस तकनीक मेले में कुल 30 टीमें उतरेंगी। हर टीम में 2 छात्र होंगे। जिले में 9वीं से 12वीं तक के 218 स्कूलों को बुलावा भेजा गया था, लेकिन आखिरी मुकाबले तक 27 स्कूल ही पंजीकृत हैं। अब इन्हीं 27 स्कूलों के 60 बच्चों के बीच मुकाबला होगा। मेले की तैयारी 2 महीने पहले शुरू हुई थी। जिले के 27 कंप्यूटर टीचर्स को रोपड़ और चंडीगढ़ भेजकर एआई की ट्रेनिंग दी गई। वहां से लौटने के बाद उन्होंने अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को प्रैक्टिकल नॉलेज दी। प्रोजेक्ट्स तैयार करने के लिए सरकार ने हर स्कूल को 50 हजार रुपए की ग्रांट दी। डीईओ हरजिंदर सिंह ने बताया कि जिले के 27 स्कूलों को कुल 13 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए। इसी फंड से बच्चों ने किट, सेंसर, मोटर और दूसरे कलपुर्जे खरीदे और प्रोजेक्ट्स तैयार किए। कंप्यूटर टीचर व टेक फेयर के जिला नोडल ऑफिसर सौरभ दीप ने बताया कि बच्चे अभी भी अपने स्कूलों में मॉडल तैयार करने में लगे हैं। 18 नवंबर तक उन्हें अपने प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार करके लाने हैं। एक प्रोजेक्ट को तैयार करने में 2 से 3 हफ्ते का समय लग रहा है। फेयर के दौरान स्टूडेंट्स अपने आईटी प्रोजेक्ट, रोबोटिक्स मॉडल, सॉफ्टवेयर एक्जीबिशन और डिजिटल आर्ट से संबंधित नए मॉडल पेश करेंगे। फेयर में फर्स्ट आने वाले स्कूल को 3100 रुपए, सेकंड को 2100 रुपए और थर्ड को 1100 रुपए मिलेंगे। लेकिन बच्चों की नजर इस प्राइज मनी पर नहीं, बल्कि आगे के रास्ते पर है। यहां जीतने वाली टीमों को स्टेट लेवल कॉम्पिटिशन में जाने का मौका मिलेगा।

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