बीएचयू के आयुर्वेद संकाय को यूजी, पीजी की मान्यता:बीएएमएस में 75 और पीजी में 57 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय में शैक्षणिक सत्र 2026, 27 में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने संकाय को दोनों स्तरों पर पाठ्यक्रम संचालित करने की वार्षिक मान्यता दे दी है। आयोग की ओर से आठ सितंबर को जारी औपचारिक पत्र के बाद बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में नए सत्र के प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। एनसीआईएसएम की अनुमति के अनुसार बीएएमएस पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित हैं, जबकि ईडब्ल्यूएस सहित कुल 75 सीटों पर प्रवेश होगा। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर 14 विषयों में कुल 45 सीटें निर्धारित हैं और ईडब्ल्यूएस सहित सीटों की संख्या 57 होगी। पीजी में सबसे अधिक 12 सीटें शल्य तंत्र विषय में स्वीकृत की गई हैं। पीजी के 14 विषयों में प्रवेश एनसीआईएसएम से मिली अनुमति के तहत आयुर्वेद संकाय में स्नातकोत्तर स्तर पर 14 विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। इनमें आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत, रचना शारीर, क्रिया शारीर, द्रव्यगुण विज्ञान, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, स्वस्थवृत्त एवं योग, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, कौमारभृत्य, बाल रोग, कायचिकित्सा, कायचिकित्सा, मनोविज्ञान एवं मानस रोग, शल्य तंत्र, शालाक्य, नेत्र रोग चिकित्सा तथा शालाक्य, कर्ण, नासा एवं मुख रोग चिकित्सा शामिल हैं। इनमें शल्य तंत्र में सर्वाधिक 12 सीटें स्वीकृत हुई हैं। इससे इस विषय में पीजी स्तर पर प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर बढ़ेंगे। मई में हुआ था वार्षिक निरीक्षण आयुर्वेद संकाय का वार्षिक निरीक्षण एनसीआईएसएम की टीम ने 22 और 23 मई को हाइब्रिड पद्धति से किया था। निरीक्षण के दौरान संकाय से संबंधित विभिन्न अभिलेखों और व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। इसके बाद आयोग के समक्ष प्रस्तुत अभिलेखों और दिए गए स्पष्टीकरण पर बोर्ड की बैठकों में विचार किया गया। इसके बाद 21 अगस्त को सुनवाई हुई। इसमें आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. एचएचवीएसएस नरसिम्ह मूर्ति कनुपुरी ने संस्थान का पक्ष बोर्ड के समक्ष रखा। सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार के बाद बोर्ड की 175वीं बैठक में दो सितंबर को मान्यता देने का निर्णय लिया गया। इसी निर्णय के क्रम में आठ सितंबर को औपचारिक अनुमति पत्र जारी किया गया। पहले चरण की काउंसिलिंग में मिलेगा बीएचयू का विकल्प एनसीआईएसएम की मान्यता मिलने के साथ ही बीएचयू के आयुर्वेद संकाय का नाम प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण में अभ्यर्थियों के विकल्प के रूप में उपलब्ध रहेगा। अभ्यर्थी काउंसिलिंग के दौरान बीएचयू के आयुर्वेद संकाय का चयन कर सकेंगे। पहले चरण में अभ्यर्थियों के लिए विकल्प भरने और उन्हें लॉक करने की अंतिम तिथि 13 सितंबर निर्धारित है। इसके बाद 14 और 15 सितंबर को सीट आवंटन किया जाएगा। सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 16 सितंबर को परिणाम घोषित किया जाएगा।
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