
खेल से युवाओं में बढ़ता है अनुशासन और आत्मविश्वास: जसवंत सिन्हा
भास्कर न्यूज | बालोद छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर ग्राम सकरौद में मैराथन दौड़ हुई। प्रतियोगिता में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दौड़ का आयोजन किया गया, कार्यक्रम के अंतर्गत महिला वर्ग के लिए 5 किलोमीटर तथा पुरुष वर्ग के लिए 7 किलोमीटर की मैराथन दौड़ रखी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जसवंत सिन्हा ने कहा कि खेलकूद केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस तरह के आयोजन ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए पढ़ाई और अन्य जिम्मेदारियों के साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। नियमित व्यायाम और खेलकूद से शरीर स्वस्थ रहता है तथा मानसिक रूप से भी व्यक्ति मजबूत बनता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। मैराथन प्रतियोगिता में महिला वर्ग के लिए 5 किलोमीटर और पुरुष वर्ग के लिए 7 किलोमीटर की दौड़ आयोजित करना महिलाओं और पुरुषों दोनों को खेल गतिविधियों से जोड़ने की सराहनीय पहल रही। प्रतियोगिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी अपनी क्षमता और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
भास्कर न्यूज | बालोद छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर ग्राम सकरौद में मैराथन दौड़ हुई। प्रतियोगिता में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दौड़ का आयोजन किया गया, कार्यक्रम के अंतर्गत महिला वर्ग के लिए 5 किलोमीटर तथा पुरुष वर्ग के लिए 7 किलोमीटर की मैराथन दौड़ रखी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जसवंत सिन्हा ने कहा कि खेलकूद केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस तरह के आयोजन ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए पढ़ाई और अन्य जिम्मेदारियों के साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। नियमित व्यायाम और खेलकूद से शरीर स्वस्थ रहता है तथा मानसिक रूप से भी व्यक्ति मजबूत बनता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। मैराथन प्रतियोगिता में महिला वर्ग के लिए 5 किलोमीटर और पुरुष वर्ग के लिए 7 किलोमीटर की दौड़ आयोजित करना महिलाओं और पुरुषों दोनों को खेल गतिविधियों से जोड़ने की सराहनीय पहल रही। प्रतियोगिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी अपनी क्षमता और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
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