सरहुल, करमा की थाप पर झूम उठा लोकरंग पर्व, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा समापन
पहली बार लोकरंग पर्व में दिखी सरगुजा, जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक, पंथी और नाचा, गम्मत ने भी मोहा दर्शकों का मन रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने वाले तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का तीसरा एवं अंतिम दिन सरगुजा, जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति के नाम रहा। पहली बार ...
पहली बार लोकरंग पर्व में दिखी सरगुजा, जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक, पंथी और नाचा, गम्मत ने भी मोहा दर्शकों का मन रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने वाले तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का तीसरा एवं अंतिम दिन सरगुजा, जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति के नाम रहा। पहली बार ...
मूल लेख पढ़ें
यह खबर news36live.com से ली गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे दिए बटन पर क्लिक करें।




